दोस्तों के साथ कभी नहीं करनी चाहिए इस तरह की बातें, दोस्ती में आ जाती खटास - Madhya Pradesh

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दोस्तों के साथ कभी नहीं करनी चाहिए इस तरह की बातें, दोस्ती में आ जाती खटास

दोस्तों के साथ कभी नहीं करनी चाहिए इस तरह की बातें, दोस्ती में आ जाती खटास

#One should never talk like this with friends, it turns sour in friendship.

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने अपने जीवन के अनुभवों से बहुत कुछ सीखा और जीवन में एक मुकाम हासिल किया. उनके अनुभवों का संग्रह ही चाणक्य नीति है जिसमें आपको कई ऐसी नीतियां मिलेंगी जिनका पालन कर आप सफलता हासिल कर सकते हैं. चाणक्य नीति में बताई गई नीतियों को अपनाकर कई लोगांें ने देश-दुनिया में एक बड़ा मुकाम और सफलता हासिल की है. आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के जरिए व्यक्ति को रिश्तों की अहमियत के बारे में भी बताया है. साथ ही यह भी बताया है कि जीवन में दोस्त होना कितना जरूरी है. क्योंकि एक दोस्त ही होता है जिसके सामने आप बिना सोचे-समझे अपने दिल की हर बात बोल देते हैं. लेकिन आचार्य चाणक्य के अनुसार कुछ बातें ऐसी होती हैं जो कि कभी दोस्तों के साथ नहीं करनी चाहिए. इनकी वजह से आपके रिश्ते में खटास आ सकती है. आइए जानते हैं कि कौन सी बातें मित्रों के साथ नहीं करनी चाहिए.

मित्रों से न करें ऐसी बातें

  • आचार्य चाणक्य का कहना है कि दोस्ती का रिश्ता किस्मत से मिलता है और सच्चा दोस्त हर किसी को नहीं मिलता. इसलिए ऐसे रिश्ते को संभालकर रखें और इस दौरान मर्यादा का खास ध्यान रखें. दोस्त से अपने मन की हर बात शेयर करें और उसके दिल की भी सुनें लेकिन इस बीच मर्यादा का उल्लंघन न करें. क्योंकि अगर मित्रता में मर्यादा का ध्यान न रखा जाए तो दोस्ती में दरार आ जाती है
  • दोस्त के साथ कभी कड़वी बातें नहीं करनी चाहिए. क्योंकि सच्चा दोस्त आपके साथ सुख-दुख शेयर करता है और यदि आप मजाक उड़ाने के लिए उससे कड़वी बातें कहते हैं तो इस रिश्ते में खटास आना स्वाभाविक है. ऐसी बातें हमेशा के लिए मन में जगह बना लेती हैं और रिश्ते की मिठास को खत्म कर देती हैं
  • दोस्ती में हमेशा ईमानदार बरतनी चाहिए. क्योंकि दोस्ती की नींव विश्वास और सर्मपण पर ही टिकी होती है. इसलिए दोस्त को कभी धोखा न दें और पूरी ईमानदारी के साथ अपना रिश्ता निभाएं. क्योंकि ईमानदारी से दोस्ती अधिक मजबूत होती है
  • सच्चे मित्र की पहचान हमेशा बुरे वक्त में होती है और सच्चा मित्र आपके बुरे वक्त में परछाई की तरह साथ चलता है. आचार्य चाणक्य का कहना है कि जो दोस्त बुरे वक्त में आपका साथ छोड़ दें उससे आगे रिश्ता बनाए रखना गलत है. क्योंकि ऐसी दोस्ती केवल दिखावे की होती है. जो बुरे वक्त में आपके साथ डटकर खड़ा हुआ है वही सच्चा दोस्त है
disclamire : ( यह दी गयी जानकारी केवल सामान्य जानकारियों पर आधारित है हम इसकी पुष्ठी नही करते है )

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