महायुद्ध की आशंका! गाजा में घुसी इजरायली सेना, नेतन्याहू बोले- यह तो बस शुरुआत है; हमास का होगा खात्मा - Madhya Pradesh

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महायुद्ध की आशंका! गाजा में घुसी इजरायली सेना, नेतन्याहू बोले- यह तो बस शुरुआत है; हमास का होगा खात्मा

महायुद्ध की आशंका! गाजा में घुसी इजरायली सेना, नेतन्याहू बोले- यह तो बस शुरुआत है; हमास का होगा खात्मा

#Fear of great war! Israeli army entered Gaza, Netanyahu said - this is just the beginning; Hamas will be destroyed

इजरायली अल्टीमेटम के बाद हजारों फलस्तीनियों ने गाजा के उत्तरी इलाके से पलायन शुरू कर दिया। फलस्तीनी परिवारों को कारों ट्रकों और गाड़ियों पर अपना सामान ले जाते हुए देखा गया। गाजा में फलस्तीनी रेड क्रीसेंट की प्रवक्ता नेबल फरसाख ने कहा खाना बिजली और ईंधन के बारे में तो भूल जाओ। एकमात्र चिंता यह है कि क्या आप जीवित रहेंगे।

यरुशलम :  हमास की ओर से पिछले शनिवार को किए गए हमलों के जवाब में इजरायल लगातार गाजा पट्टी पर हवाई हमले कर रहा है। शुक्रवार को उसने हमास को कुचलने के लिए जमीनी कार्रवाई भी शुरू कर दी। इजरायल की पैदल सेना और टैंकों ने शुक्रवार को गाजा पट्टी में घुसकर कार्रवाई की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यह तो अभी शुरुआत है, हम हमास को खत्म कर देंगे। इसके साथ ही इजरायल ने उत्तरी गाजा पट्टी में रहने वाले लगभग 10 लाख से ज्यादा लोगों को 24 घंटे में दक्षिणी इलाके में चले जाने को कहा है। लेकिन हमास ने गाजा निवासियों से अपने घरों में ही रहने और खून की आखिरी बूंद तक लड़ने का आह्वान किया। उसने इसे मनोवैज्ञानिक युद्ध करार दिया।

गाजा पर कहर बनकर टूटी इजरायली सेना

संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने इजरायल के इस आदेश को असंभव करार दिया। लेकिन अमेरिका ने यह भी कहा कि हम जानते हैं कि वे क्या करने की कोशिश कर रहे हैं। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के बाद शुक्रवार को इजरायल पहुंचे अमेरिकी रक्षा मंत्री लायड अस्टिन ने अमेरिका के दृढ़ समर्थन और सैन्य सहायता देने का वादा दोहराया। रूस, ईरान और तुर्किये ने इजरायली अल्टीमेटम को अस्वीकार्य करार दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि किसी भी स्थिति में अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन होना चाहिए और आम लोगों को ढाल नहीं बनाया जाना चाहिए। इजरायली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने शुक्रवार को बताया कि टैंकों की मदद से इजरायल के सैनिकों ने फलस्तीनी राकेट दस्ते पर हमला करने और बंधकों के स्थान के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए गाजा में कार्रवाई की।

खाना, बिजली और ईंधन भूल जाओ

सेना ने बताया कि सैनिकों ने इस दौरान कई आतंकियों को मार गिराया जिनमें हमास का एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल दस्ता शामिल है। वहीं, इजरायली अल्टीमेटम के बाद हजारों फलस्तीनियों ने गाजा के उत्तरी इलाके से पलायन शुरू कर दिया। फलस्तीनी परिवारों को कारों, ट्रकों और गधा गाड़ियों पर अपना सामान लादे जाते हुए देखा गया। गाजा में फलस्तीनी रेड क्रीसेंट की प्रवक्ता नेबल फरसाख ने कहा, 'खाना, बिजली और ईंधन के बारे में तो भूल जाओ। एकमात्र चिंता यह है कि क्या आप जीवित रहेंगे

गाजा में इजरायल की बमबारी जारी

तारेक मारैश नामक एक गाजावासी ने कहा, 'गाजा में सुरक्षा की भावना कहां है? हमास ने हमारे साथ यह क्या किया।' संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इजरायल के आदेश से 11 लाख लोग प्रभावित होंगे। अगर इस अल्टीमेटम पर अमल हुआ तो 40 किलोमीटर लंबी गाजा पट्टी पर लगभग पूरी आबादी दक्षिणी हिस्से में सिमट जाएगी। इस आदेश के बाद भी शुक्रवार को दक्षिणी गाजा में इजरायल की बमबारी जारी रही। इजरायली सेना के एक अन्य प्रवक्ता जोनाथन कोनरिकस ने कहा कि सेना नागरिकों को नुकसान पहुंचाने से बचाने का पूरा प्रयास करेगी और नागरिकों को युद्ध खत्म होने के बाद वापस आने की अनुमति होगी।

हमास आतंकियों की ढाल

सेना का कहना है कि उसका मकसद जमीन के नीचे हमास के सैन्य ढांचे को निशाना बनाना है। अमेरिकी रक्षा मंत्री आस्टिन के साथ प्रेस वार्ता में इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा कि नागरिक आबादी हमास आतंकियों की ढाल है। इसलिए उन्हें अलग करना जरूरी है। लिहाजा जो अपना जीवन बचाना चाहते हैं, वे दक्षिणी हिस्से की ओर चले जाएं। उन्होंने यह भी कहा, 'हम अपने घर और अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। रास्ता लंबा होगा, लेकिन मैं वादा करता हूं कि आखिर में जीत हमारी होगी।

पलायन विनाशकारी मानवीय दुष्परिणाम

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि ऐसा पलायन विनाशकारी मानवीय दुष्परिणामों के बिना संभव नहीं होगा। उन्होंने इजरायल से इस आदेश को रद करने का आग्रह किया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अस्पतालों से घायलों को निकालना संभव नहीं है और अस्पताल कर्मचारी ऐसी चेतावनी पर ध्यान नहीं देंगे। फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए ने भी कहा कि वे अपने स्कूलों को खाली नहीं करेंगे जहां हजारों लोगों ने शरण ले रखी है। लेकिन उसने अपना मुख्यालय दक्षिण गाजा में शिफ्ट कर दिया है। इजरायली सैन्य प्रवक्ता हगारी से जब पूछा गया कि क्या सेना अस्पतालों, संयुक्त राष्ट्र शरणस्थलों व अन्य नागरिक स्थानों की रक्षा करेगी तो उन्होंने चेतावनी दी, 'यह युद्ध क्षेत्र है। अगर हमास गाजा निवासियों को पलायन करने से रोकेगा तो जिम्मेदारी उसकी होगी

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